EPFO Employee Good News: करोड़ों कर्मचारियों को खुशखबरी! अब ₹30000 होगी PF की लिमिट? ताजा अपडेट

EPFO Employee Good News: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए EPFO से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है। लंबे समय से चली आ रही ₹15,000 की PF सैलरी लिमिट को बढ़ाने की मांग अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अगर यह लिमिट बढ़कर ₹30,000 होती है, तो इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो अब तक PF और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा से पूरी तरह बाहर थे।

यह मामला न सिर्फ आपकी मौजूदा सैलरी से जुड़ा है, बल्कि आपके रिटायरमेंट के भविष्य को भी सुरक्षित करने वाला साबित हो सकता है।

EPFO वेतन सीमा क्या है और क्यों है अहम?

EPFO के नियमों के अनुसार, जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹15000 या उससे कम है, उनके लिए PF में योगदान अनिवार्य होता है। लेकिन जिनकी सैलरी इससे ज्यादा है, उनके लिए PF अनिवार्य नहीं रहता। इसी वजह से लाखों कर्मचारी रिटायरमेंट सेविंग और पेंशन के दायरे से बाहर रह जाते हैं।

आज के समय में जब ज्यादातर शहरों में शुरुआती सैलरी ही ₹18000 से ₹25000 के बीच होती है, तब ₹15000 की लिमिट को बेहद पुराना माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने क्या दिया निर्देश?

इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और EPFO को इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए चार महीने का समय दिया है। एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि मौजूदा वेज लिमिट समय के हिसाब से अप्रासंगिक हो चुकी है।

कोर्ट के इस निर्देश के बाद उम्मीद की जा रही है कि 11 साल से अटका यह मामला अब जल्द सुलझ सकता है।

11 साल से क्यों नहीं बदली PF की लिमिट?

आखिरी बार साल 2014 में PF वेज लिमिट बदली गई थी, जब इसे ₹6500 से बढ़ाकर ₹15000 किया गया था। इसके बाद महंगाई, सैलरी स्ट्रक्चर और लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव आया, लेकिन नियम वही पुराने बने रहे।

अगर इतिहास देखें तो EPF स्कीम शुरू होने के बाद से वेज लिमिट समय-समय पर बढ़ती रही है।

  • 1952 में लिमिट: ₹300
  • 2014 में लिमिट: ₹15,000

अब कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इसे हर 3 से 5 साल में महंगाई के हिसाब से अपडेट किया जाए।

लिमिट बढ़ने से कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

अगर EPF वेज लिमिट ₹30000 कर दी जाती है, तो करोड़ों नए कर्मचारी PF और पेंशन स्कीम से जुड़ जाएंगे। इससे –

  • रिटायरमेंट के लिए नियमित बचत होगी।
  • पेंशन का लाभ मिलेगा।
  • सोशल सिक्योरिटी मजबूत होगी।

एक आसान उदाहरण

मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी ₹25000 है।
नई लिमिट लागू होने पर –

  • कर्मचारी योगदान (12%): ₹3000
  • कंपनी योगदान (12%): ₹3000

यानि हर महीने ₹6000 PF खाते में जमा होंगे।
हालांकि इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम होगी, लेकिन लंबी अवधि में यह रकम करोड़ों का फंड बना सकती है।

सरकार की क्या है तैयारी?

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया पहले ही संसद में बता चुके हैं कि सरकार इस मुद्दे पर कर्मचारी यूनियनों और नियोक्ताओं से बातचीत कर रही है। सरकार यह मानती है कि ₹15000 से थोड़ी ज्यादा सैलरी पाने वाले कर्मचारी किसी पेंशन स्कीम से नहीं जुड़ पाते, जिससे भविष्य में आर्थिक जोखिम बढ़ता है।

हालांकि, वेज लिमिट बढ़ाने से कंपनियों पर खर्च बढ़ेगा और कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर असर पड़ेगा, इसलिए सरकार सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहती है।

Leave a Comment